
वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी,8225072664* भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के लिए 5 हजार 960 करोड़ रूपये की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान को गति देते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालित रखने के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए राज्य में शासकीय माध्यमिक और हाई स्कूलों के उच्च स्तरीय उन्नयन की योजना को सैद्धांतिक सहमति दी गई, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच बढ़ेगी और ड्रॉप आउट दर में कमीं आएगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के आर्थिक संबल के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण योजना की नई शर्तों, शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 3 हजार 580 करोड़ रूपये से अधिक की राशि की निरंतरता तथा जनजातीय क्षेत्रों के विद्युतीकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 225 शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल और 300 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन को सैद्धांतिक स्वीकृति,मंत्रि-परिषद ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी।
स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रूपये के प्रस्ताव पर सहमति दी। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मैपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जायेगी। राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते, जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है। इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है।




